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BhaktiSense सिर्फ एक वेबसाइट नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है, जहाँ आस्था और आधुनिकता का संगम होता है। यहाँ भक्ति को हम आधुनिक सोच और सहज भाषा के साथ जोड़ते हैं ताकि हर व्यक्ति ईश्वर से जुड़ सके।

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हम सनातनियों की आस्था का आधार है – "वेद"
जहाँ वेदों की वाणी गूँजती है, वहाँ से आरंभ होता है धर्म, भक्ति और शाश्वत ज्ञान। वेद बताते हैं :- धर्म-यज्ञ से समृद्धि, सेवा से पवित्रता, दान से पुण्य और पूजा से प्रभु की प्राप्ति होती है।
- पूजा
- दान
- सेवा
- धर्म-ज्ञान
- ध्यान
- तीर्थयात्रा
।।धर्मो रक्षति रक्षितः।।
जूना अखाड़ा – सनातन धर्म की प्राचीन धरोहर
जूना अखाड़ा सनातन धर्म की सबसे बड़ी एंव प्राचीन संस्था है, जिसको ख़ुद आदी शंकराचार्य जगतगुरु (साक्षात भगवान शिव का रूप) ने धर्म की रक्षा के लिए स्थापित किया था। जो कि निरंतर इस कार्य का विभिन्न तरीकों से पालन करती आ रही है।
जूना अखाड़ा के कुछ साधु-संतो ने इस आधुनिक युग में अखाडे के उद्येश्यों को आधुनिकीकरण के सहयोग से पूरा करने के लिए, श्री महंत कोठारी मनोहर पुरी जी जूना अखाड़ा, हरिद्वार के नेतृत्व में, विश्व में नर-नारी का सबसे बड़ा सर्वमान्य शक्ति स्वरूप उमा-महेश्वर के नाम से, उमा-महेश्वर सेवा ट्रस्ट का निर्माण किया। जो वर्षो से धर्म रक्षा एंव धर्म प्रचार प्रसार के कार्य में निरंतर कार्यरत है।
जो वर्षो से धर्म प्रचार प्रसार के कार्य में निरंतर कार्यरत है। जिसका सबसे बड़ा एक मात्र लक्ष्य सनातन धर्म रक्षा एंव प्रचार-प्रसार है। उमा महेश्वर सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य अधिक से अधिक संख्या में हिन्दू एंव अन्य धर्मों के लोगों को सनातन धर्म से जोड़े रखना है।
यह वेबसाइट BhaktiSense.com धार्मिक ट्रस्ट "उमा महेश्वर सेवा ट्रस्ट",हरिद्वार द्वारा संचालित है।






सामाजिक उत्थान में हमारी प्राथमिकताएं निम्नलिखित है
भोजन
स्वस्थ और पौष्टिक भोजन से जुड़ी जानकारी और संसाधन।

रोज़गार
नौकरी और करियर से जुड़ी नवीनतम जानकारी।

स्वास्थ्य
स्वास्थ्य, योग और जीवनशैली सुधार की जानकारी।

शिक्षा
शिक्षा और सीखने के नए अवसरों की जानकारी।

आप इस कार्य से "प्रत्यक्ष" एवं "अप्रत्यक्ष" रूप से जुड़ सकते हैं
प्रत्यक्ष रूप
ट्ट्रस्ट में ट्रस्टी बन के वैचारिक, आर्थिक एंव संचालिक तरीके से।
ट्रस्ट में दान कर के।
ट्रस्ट का प्रचार-प्रसार करके, ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को इससे जोड़ कर।
अप्रत्यक्ष रूप
ट्रस्ट के उत्पादों की खरीदारी करके।
ट्रस्ट की सेवाओं को इस्तेमाल करके।
जो भी धन आप ट्रस्ट कि सेवाओं और उत्पादों पर खर्च करेंगें, उनका इस्तेमाल ट्रस्ट के उद्येश्यों को पूरा करने के लिए होगा।
इस वेबसाइट के उद्देश्य
उमा महेश्वर सेवा ट्रस्ट के कार्यों एंव उद्येश्यों को आगे बढ़ाना।
सनातन धर्म के बारे में सभी लोगों को जागरूक करना एंव जोड़े रखना।
जूना अखाड़ा सनातन धर्म की सबसे बड़ी एंव प्राचीन संस्था है, जिसको ख़ुद आदी शंकराचार्य जगतगुरु (साक्षात भगवान शिव का रूप) ने धर्म की रक्षा के लिए स्थापित किया था। जो कि निरंतर इस कार्य का विभिन्न तरीकों से पालन करती आ रही है।
इभक्त ज़न जो भी धार्मिक कार्य व यात्रा करे, वो पूरे विधि विधान द्वारा करे, ना कि सिर्फ औपचारिक रूप से करे (चाहें वो भक्त के द्वारा हो या उनके पंडितों/ब्राह्मणों द्वारा हो)
इस वेबसाइट के माध्यम से आयुर्वेदिक दवाओं एंव उत्पादों को बिक्री के लिए प्रचार-प्रसार किया जाता है, जो कि सन्यासियों द्वार उनके जीवन-यापन एंव ट्रस्ट के कार्यों (धर्म रक्षा, प्रचार-प्रसार एंव सामाजिक उत्थान) के लिए धन अर्जित करने के लिए बनायें जातें हैं। ना कि बड़ी बड़ी कंपनियों की तरह जो सनातन धर्म के आयुर्वेद के ज्ञान से उत्पाद बना कर अपनी तिजोरियों को भर रही हैं। और उन कंपनियों के मालिक उस पैसे से अपने शानो-शौकत को पूरा करते हैं।
अतः आप सबसे निवेदन है कि, आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस ट्रस्ट “उमा महेश्वर सेवा ट्रस्ट” से जुड़े और धर्म रक्षा, प्रचार-प्रसार एंव सामाजिक उत्थान में अपना योगदान दें।





